Wednesday, July 7, 2010

स्कुल चलें हम....

स्कुल जाने के लिए आदि बहुत उत्साहित है... वहाँ के जेबरा पर सवारी कर आया था.. तो उसके लिए एक आकर्षण था... अपना बस्ता टाँगे.. पापा के साथ.. मम्मु को बाय बाय करते आराम से स्कुल पहुँच गया... पापा आदि को स्कुल में छोड़ कब गायब हुए पता ही नहीं चला.. (स्कुल टिचर का मानना है की अगर पेरेंट्स ज्यादा समय तक रुकते है तो बच्चा को माहोल में ढलने में ज्यादा समय लगता है...)

कुछ देर में जैसे ही पापा मम्मी पास नहीं दिखे आदि घबरा गया... बहुत रोया... नया माहोल नए लोग.... खैर मम्मु ११ बजे लेने आ गई.. और आदि बाग कर मम्मु की गोदी में आ गया..... घर का कर थोड़ी देर में सामान्य हुआ..

आज स्कुल का दूसरा दिन है.... अच्छी बात ये की आज सुबह स्कुल जाने के लिए उत्साहित था... आराम से तैयार हो गया...  आज मम्मू आदि के साथ स्कुल गई है... वो वहाँ पर ज्यादा देर रुकेगी...

Saturday, July 3, 2010

ये देखो मैंने बेलून बना दिए.. बेलून....

मम्मु में मुझे बेलून बनाना सिखाया है.. गोल गोल जलेबी बनाओ और उसकी पुंछ बना दो... बन गया बेलून... 




कैसा लगा मेरा बेलून?

Friday, July 2, 2010

ये देखो मैंने क्या बनाया....

फनेरियम गया था... और वहाँ बनाया ये झंडा...




है न मस्तकलंदर.....
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