पापा अपने हाथ मेरे सामने लाते है और कहते है "दे ताली".. फिर देखिये मैं पूरी ताकत से उनके हाथों पर अपने हाथ पटकता हूँ..और पापा खुश हो जाते हैं.. हम दोनों बहुत देर तक ऐसे तालियाँ बजाते है..
अकेले में भी मैं दोनों हाथों से ताली बजाता हूँ.. और तो और कई बार ताली बजा बजा कर रोता हूँ.. है न मजेदार :)
आप सभी तो गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं!!
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(आपकी प्रतिक्रिया मिली थी की मेरा ब्लोग खुलने में काफी समय लेता है, तो आज इसका हुलिया बदल दिया है.. (वैसे तो कुश अंकल भी नया हुलिया भेजने वाले हैं.. पर तब तक ये ही सही).. अगर अब भी ये ज्यादा समय ले तो जरुर बताना..)