मम्मु और बाबा कहते है साइकिल में मेरे प्राण बसते है.. जहां भी साइकिल दिखे.. जिसकी भी हो मुझे जरुर चलानी होती है.. चाहे कारर्फोर (Carrefour) में हो या टेस्को में, डिस्प्ले में रखी सारी साइकिल मुझे जरुर चलानी होती है.. और तो और इस बार तो नाईट बाजार में रखी एक गुडिया की साइकिल भी मैंने चला डाली.. कितनी प्यारी है मुझे साइकिल...
पर 29 सितम्बर को पेकिंग शुरू होने के बाद मैं सो कर उठा तो पता चला मेरी साइकिल गायब हो गई.. ये देखो मेरी साइकिल कैसे जा रही है...
जल्द ही मुझे समझ आ गया की मेरी साइकिल इंडिया चली गई है.. साइकिल मैं आ रहा हूँ....
Wednesday, October 6, 2010
Tuesday, October 5, 2010
चिड़िया फुर्र....
चिंगमाई की वाकिंग स्ट्रीट (Walking Street, Chiang Mai) में घूमते हुए हमें.. चिडियाँ मिली..
मैंने और मम्मु ने.. उनको...
उड़ा दिया..
वो चली गई.. आसमान में....
चिंगमाई की बहुत सारी बातें है.. एक एक कर बतात्ता हूँ..
Monday, October 4, 2010
मैंने पांडा देखा..
चिंगमइ जू (chaing mai zoo) की खासियत है चीन से आये पांडा (panda).. मैंने देखा आप भी देखिये...
है न सुन्दर!
एक पांडा तो सो रहा था..
लेकिन दूसरा खूब मस्त था.. मजे से खाना खा रहा था..
है न सुन्दर!
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