बछ बारस के पीछे कुछ दंत कथाएं है। ज़्यादा तो किसी को पता नहीं पर मधु मासी ने बताया कि किसी ने गलती से बछड़े की हत्या कर दी.. इससे गाय को बहुत दुख हुआ.. और तब से गाय बछड़े की पूजा करते हैं और चाक़ू को नहीं छूते। साथ ही सभी मातायें अपने बच्चों की पूजा कर सलामती की दुआ करती हैं. इसके बारे में और जानकारी पता लगा कर आपको विस्तार से कभी बताऊँगा ।
ख़ैर ! मेरी भी पूजा हुई (वो नहीं जो आप समझ रहे हैं).. तिलक लगा, लेकिन लड्डु नहीं मिला। मम्मी ने बस थोड़ी सी शहद से मुँह मिठा करा दिया.. कुछ तो नया टेस्ट करने को मिला..
आज तो मैं दिन में अधिकतर सोता रहा.. शायद दवा का असर था.. पर शाम को जम कर खेला.. और हाँ चूँकि आज शहद खाई थी तो शाम को ख़ूब जीभ निकाल कर दिखाई..

