पड़ गये न चक्कर में ! पूरी बात बताता हूँ। यह कुछ
दिनों पहले की बात है.. मम्मी रोज़ मुझे नहला कर मेरी आँखों में काजल लगाती थी.. पापा ने मम्मी से कहा
: "आदि प्यारा बच्चा है, इसकी आँखों मे काजल नहीं लगाना चाहिये".. दोनों के अपने अपने तर्क थे। पापा कहते है .. काजल लगाने से आँखें ख़राब हो सकती है.. इसकी ज़रुरत नहीं हैं.. पर मम्मी कहती हैं इससे आँखें साफ़ रहती हैं और मैं सुन्दर लगता हूँ, इसलिए काजल लगाना चाहिये..दोनों की बात का कोई नतीजा नहीं निकला..हाँ ! इतना अवश्य हुआ कि उसके बाद मम्मी एक दिन छोड़ कर काजल लगाती है। और कहती है "आदि एक दिन मम्मी का बेटा, एक दिन पापा का बेटा :-) "