Monday, February 22, 2010

का, के, की, में, पर...

शब्द सीखने के बाद अब बारी है वाक्य बनाना सीखने की.. और वाक्य बनाने के लिए क्या चाहिए.. "का, के, की, में, पर...." तो अब में कुछ वाक्य बना सकता हूँ.. जैसे..

"बाबा का बेग"
"मम्मु का फोन"
"आदि की साइकल"
"साइकिल पर बिठाओ"
"झूले पर बिठाओ"

और भी कई मजेदार वाक्य बना लेता है.. आदि बाबु...


समझदारी

कल शाम को तो आदि ने समझदारी के झंडे गाड़ दिए.. मम्मी जब बाबा से फोन पर बात कर रही थी तो आदि गायब हो गया.. बात पूरी करने के बाद जब मम्मी मुझे ढूढने लगी.. तो पता चला आदि बाबू बाथरूम में गए है.. शु शु करने.. और बाबू कमोड के पास मूत्र विसर्जन कर आये.. लेकिन आदि बाबु शु शु करने से पहले पामा भी खोलना होता है..:)


14 comments:

  1. पामा पहनाने वाले जाने उसे उतारना, शू शू करने वाले जाने करना!

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  2. अली सैयदFebruary 22, 2010 at 1:56 PM

    देखिये काम तो पहले से ही बंटे हुए हैं शुशू करना आदि का काम लेकिन पाजामा खोलना किसका काम था ? एक तो आप लोग अपने काम में कोताही करते हैं दूसरे बच्चे पर अंगुली उठाते हैं ...हाँ तो आदि बेटा पापा मम्मी की गलती पर शर्मिन्दा होने का नईं :)

    Buzz

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  3. वाह आदि की सभी बातें निराली :)

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  4. ही ही हू हू
    ओहो पामे में ही कर दी.

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  5. बेचारा गया तो बाथरुम तक..अभी वहीं कर देता तो पोंछते रहते..पामा खोलना भी सीख ही जायेगा. :)


    जरा विडियो बनाकर उसका वाक्य बनाना तो सुनवाओ भाई...

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  6. आदि की अदा सुब्हान-अल्लाह!!

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  7. पर अभी तू कहां है? मुझे दिखाई क्यों नही देरहा है? सिर्फ़ एक चमगादड ही उल्टा लटका दीख रहा है?:)
    शाबास आदि, आज बढिया काम किया तूने.

    रामराम.

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  8. आदि बाबु....बहुत सयाने हो गये हो, कोई बात नही पाजामा भी खोलना आ जायेगा.

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  9. Majedar..ha..ha..

    *********************
    रंग-बिरंगी होली की बधाई.

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  10. जन्‍मदिन की बधाई
    रंजन प्‍यारे भाई।

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  11. .सुन्दर और मन भावन!!

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कैसी लगी आपको आदि की बातें ? जरुर बतायें

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