Friday, March 20, 2009

छोटे छोटे कबुतर दो..

ज्ञान अंकल के पिल्लों से तो मिले हो न? जैसे उनके पास पिल्ले है वैसे ही मेरे पास कबुतर के बच्चे.. अंकल को बड़ी आसानी हुई कुकुर के बच्चों को पिल्ला कह दिया.. आप बताओ कबुतर के बच्चों को मैं क्या कहूँ? चलो अभी चुजा बोल देते हैं.. नाम में क्या रखा है?

हमारी बालकॉनी में कबुतरी ने दो अण्डे दिये थे.. और अब उनमें से दो प्यारे प्यारे चुजे निकले है, छोटे छोटे से.. मिलना चाहोगे?

वो देखो वो रहे, कोने में..


नहीं दिखे? ठहरों गोदी से उतर कर बताता हूँ.... वो रहे..


अब दिखे? क्या अच्छे से नहीं दिखे.. लो मैं हट जाता हूँ, मुझे तो आप रोज देखते हो...


ये है हमारे प्यारे प्यारे चुजे.. आये पसंद आपको?.

17 comments:

  1. तो खेलने को दो प्यारे से चूजे दोस्त मिल गए !

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  2. "ओये हीरो ये तो सच मे बडे ही प्यारे प्यारे चुजे हैं, अभी कुछ दिनों पहले हमारी रसोई की खिड़की में भी एक प्यारा सा भूरे और गोल्डन रंग का चूजा था ऐसा ही .....आयुषी वहां चावल के दाने डाल देती थी......ऐसे पक्षी हमे भी बहुत प्यारे और अच्छे लगते हैं...."
    Love ya

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  3. bahut pyare dost hai aapke:)

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  4. सोनु (गोल्डन वाला) और मोनु नाम रख दो..फिर रोज नाम से बुलाना तो वो अपना नाम जान जायेंगे जैसे तुम जान गये न कि पलटु कौन? :)

    बड़े प्यारे दोस्त मिले हैं बेटा-खूब ध्यान देना दोस्तों का.

    अच्छा लगा!!!

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  5. उन्मुक्त उड़ान के बाद इनको आदित्य की याद आएगी और ये लौट कर यहीं आयेंगे [ नॅशनल जियोग्राफिक चैनल ]

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  6. बहुत बढ़िया. इनको कुछ खिलाते रहना. साथ में खेलना भी.

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  7. इस का नाम तो मस्सकली होना चाहिए..

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  8. आप के नए दोस्त बहुत प्यारे हैं ..:)

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  9. पर देखो, इन्‍हें तंग मत करना।

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  10. सोनू, मोनू और पल्टू...क्या रंग जमेगा जब मिल बैठेंगे दिवाने तीन.:)

    रामराम.

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  11. गुटर-गुटर-गूँ
    करके तुमको,
    रोज़ सुनाएँगे ये गान!
    नन्हे-प्यारे
    हैं ये चूज़े,
    रखना इनका हरपल ध्यान!

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  12. वाह भाई क्या मोलिकता है ,एक नए तरीके से ब्लॉग प्रस्तुति ,मान गए आपके ममी पापा को जो आपके रूप मे अपने बचपन को जी रहे है ,यही तो जीवन है जहाँ सारे संगुथन सरल हो जाते है ,हम बोद्धिक हो जटिल हो जाते है और सदेव पहेलिया बुझाते है ,भूल जाते है कि सरल ही तो जीवन है ;

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  13. तीनों कबूतर बहुत प्यारे हैं!

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  14. अबे पलटू बडे प्यारे है तेरे दोनो दोस्त,लेकिन बेटा इअन का ध्यान भी रखना कही बिल्ली मोसी ना आ जाये इन्हे चट करने के लिये.
    प्यार बहुत सा प्यार

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  15. बधाई हो भई , तुम्‍हें तो दोस्‍त मिल गए।

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  16. बहुत बढ़िया बेटा, नेचर से ऐसे ही प्यार करना सीखते रहो! दुनियां में सबसे अच्छे दोस्त यही होते हैं!

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  17. खेम सिंहMarch 26, 2009 at 4:48 PM

    chuze to bohat nice hai

    (via email)

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कैसी लगी आपको आदि की बातें ? जरुर बतायें

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