Sunday, June 5, 2011

एयर फोर्स म्यूजियम...

गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो गई.. दादा दादी भी आये है.. पर गर्मी के चक्कर में घुमाना फिरना कम हो रहा है... फिर भी गर्मी को चकमा देकर एयर फोर्स म्यूजियम देखने पहुंचे.... इतने सारे प्लेन को पास से देखना बहुत प्यारा अनुभव था....

मजबूत तो है न? 

कितना बड़ा है.. दौड कर नापना पड़ेगा...

बैठने की से जगह... है न मस्त...

कैसे काम करता है ये...

ये रेड रेड क्या है...


इतने सारे...



ये है बिलकुल मेरे खिलौने की तरह...

दादा दादी और आदि...

ये है म्यूजियम...


ये क्या है... टायर वाला?

मजा आया!!

7 comments:

  1. ये एक शुरुआत है, घूमने के शौक की,

    ReplyDelete
  2. बहुत अच्छी जगह दिखाई, आदित्य!

    ReplyDelete
  3. अरे वाह ये तो दिल्ली का म्यूज़्यिम लग रहा है. हमारे बच्चे भी यहां खूब मज़े करते थे.

    ReplyDelete
  4. इतने सारे प्‍लेन, और ठीक करने के लिए एक नन्‍हां सा इंजीनियर। बहुत नाइंसाफी है ये। :)

    ---------
    कौमार्य के प्रमाण पत्र की ज़रूरत किसे है?
    ब्‍लॉग समीक्षा का 17वाँ एपीसोड।

    ReplyDelete
  5. इत्ते सारे प्लेन...समीर अंकल की उड़न तश्तरी कहाँ थी?

    ReplyDelete
  6. यह म्यूजियम तो बहुत प्यारा है...हम भी घूम लिए आदि के साथ.

    ReplyDelete

कैसी लगी आपको आदि की बातें ? जरुर बतायें

Related Posts with Thumbnails