आख़िर गुरुवार की शाम समय आ ही गया जब मुझे केला खिलाया गया. और यह शुभ काम किया मोना मासी ने. मासी ने एक कटोरी में केले का टुकडा़ लिया और चम्मच से मेश कर थोडा़ थोड़ा मुझे खिलाया..
मैंने कोई शरारत नहीं की और प्यार से केले का मज़ा लेता रहा..
बहुत मीठा था केला.. मज़ा आया..