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Monday, August 17, 2009

एसे मना मेरा स्वतंत्रता दिवस

पन्द्रह अगस्त को सुबह ही पता चल गया कि ये कोई खास दिन है.. बताओ अगर खास दिन नहीं होता तो कोई इतने सारे गुब्बारे देता भला..

अब तो गुब्बारे मेरे प्रिय हो चुके थे.. कोई दूर नहीं कर सकता.. जल्दी से दे दो पापा..
हम तैयार हो कर कंपाउड में पहुँचे.. और झण्डा फहराया.. "जय हिन्द"
और इसके बाद मिला लड्डु.. अंकल मेरे तक आने में देर लगा रहे थे.. मैने तो खुद ही ले लिया..  आजादी का स्वाद बहुत मिठा है..

और फिर मम्मी की गोद में सवार हो कर सभी लोगो को देखता रहा.... वहाँ बहुत सारे गेम्स भी हुऐ.. 

देखो कितने लोग आये थे.. और बारिश की फुहारों में आजादी का आनन्द ले रहे थे..

पसन्द आई ये पोस्ट...




सुचना
दादा कल शाम वापिस जोधपुर चले गये.. पर तीन दिन तक मैने दादा के साथ खुब मस्ती की..  जल्द ही वो सभी पोस्ट लेकर आने वाला हुँ..

अच्छा आपने कान्हा वाली पोस्ट देखी? नहीं तो यहाँ देख सकते हैं..

Thursday, March 12, 2009

एक रंगीन पोस्ट

मेरी पहली होली...

कल होली थी, मेरी पहली होली.. एक रंगीन त्यौहार के लिये एक रंगीन पोस्ट.. थोड़ी बाते और ढेर सारा कलर..

सुबह ११ बजे नास्ता कर होली खेलने के लिये तैयार हो गया... और तब तक पापा ने गुलाल से थाली सजा दी.. पता है पापा के साथ जोधपुर से चार्मी भुआ भी आई थी मेरे साथ होली खेलने के लिये..


शुरुआत पापा ने मुझे गुलाल लगा कर की.. फिर सब एक दुसरे गुलाल लगा कर होली खेलने निकल पडे़.. लिफ्ट में एक और आदि मिल गया, उन्हे भी गुलाल लगा कर आंटी के घर चल दिये..


हैप्पी होली पापा

ये भी आदि है, 

वहां गये तो पता चला वो सब मेरा ही इंतजार कर रहे थे.. जम कर एक दुसरे तो गुलाल लगाया मिठाई खाई..


कोई पहचान नहीं आ रहा, ये सब कौन नये लोग है?

अरे ये विक्की भैया को देखो, वैसे तो मौका नहीं मिला लेकिन मैं गोद में था तो चुपके से भाभी के कैसे गुलाल लगा दिया..


आंटी के घर होली का धमाल मचा कर पहुवें पिंकु चाचा के घर.. चाचा घात लगाये हमारा ही इंतजार कर रहे थे.. जैसे ही दरवाजा खुला पानी की एक भरी बाल्टी हमारे ऊपर गिरी.. मैं सबसे आगे पापा की गोद में था तो इसके लपेटे में मैं भी आ गया.. अचानक हुऐ इस हमले से चौंक गया और थोड़ी देर बाद मामला समझ आया.. ऐसे खेलते है होली..
रंग और गुलाल में सने हम सब..

पहचान रहे हो? कैसा था घर से चला जब और कैसा हो गया..


गुलाल लगाया, मस्ती की पर होली की मिठाई भी खाने को मिली... और होली के दिन तो रंग वाली मिठाई खा सकते हैं न?
कैसी रही आपकी होली?
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