जैसे आपका सबका वेलनटाइन डे मना वैसा मेरा भी मना १४ फरवरी को ही... हाँ पर साइज के हिसाब के... छोटा सा.. १४ की शाम मैं मम्मी और पापा से साथ परी दीदी के घर गया गुड़गाँव में... दीदी के लिये एक गुलाब का फूल भी लेकर गया.. लम्बा रास्ता था.. तो मैं तो रास्ते में ही सो गया.. और उठ कर अपने "रंग" में आता इससे पहले ही पापा ने मेरे behalf से दीदी को फूल दे दिया.. धीरे-धीरे मेरी नींद खुल और में अपने रंग में था.. फिर तो डांस भी किया (कैसे? जल्द बताऊगां) और दीदी के पियानो पर भी हाथ मारे.. डिनर के लिये हम "गैलेरिया" गये.. मैं तो अपना खाना साथ ले कर गया था... वो ही खाया पर प्लेट में हाथ मारना मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है, वो भी किया..
अब खाने की टेबल पर या तो मैं बैठ सकता हूँ या फिर पापा मम्मी खाना खा सकते है.. तो फिर बारी लगी पहले पापा खाने लगे और मैं? मैं चला मम्मी के साथ बाहर.. झुला झुलने..
ऐसे बीता मेरा पहला वेलनटाइन डे!!
