Sunday, June 6, 2010

ऐसे बनाते है बुलबुले..

पता है साबुन के बुलबुले कैसे बनाते है?

पहले हाथी को पानी पिलाओ.... हाँ ये ग्रीन ग्रीन हाथी है... ये ही मेरे लिए बुलबुले बनाता है....


फिर उसका ट्रिगर दबाओ....

और ये बने बुलबुले....

ये रहे इत्ते सारे....

मम्मु आपको भी चाहिए...
 ये लो

आपको चाहिए क्या?

9 comments:

  1. आईये जानें .... मन क्या है!

    आचार्य जी

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  2. आदि बेटा काफी कुछ सीख गये हो, अब तो!

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  3. वाह तुम तो वाक़ई बहुत बड़े - बड़े बुलबुले बनाना सीख गए हो . बहुत बढ़िया. शाबाश.

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  4. लाओ लाओ, मुझे चाहिये....मम्मु को अब मत देना..अब समीर अंकल का नम्बर है.

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  5. blog jagat ka kya badhiya sadupyog hai....achchha hai...!!!

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  6. बुलबुले बनाना सीख गए ! बढ़िया !

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  7. बहुत खुब जी खुब बनाओ, ओर हमे बताने के लिये धन्यवाद

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  8. वाह आदित्य, मुझे भी चाहिए बुलबुले...

    ________________________
    कल 7 जून को 'पाखी कि दुनिया' में समीर अंकल जी की प्यारी सी कविता पढना ना भूलियेगा.

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  9. बहुत अच्छा लगता है ना यूँ बुलबुले बनाना....चित्र बहुत प्यारे हैं

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कैसी लगी आपको आदि की बातें ? जरुर बतायें

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