जोधपुर की कुछ बातें आपको बतानी रह गई थी.. जोधपुर में जहाँ भी जाता सभी मुझसे मिलने और बात करने को आतुर रहते थे.. खासकर छोटे.. (आपसे छोटे,मुझसे तो बडे़).. तो बाल दिवस पर ऐसी ही बच्चा पार्टी के साथ कुछ पल...
दिपावली के अगले दिन.. चार्मी भुआ ये यहाँ सभी गये.. ये देखिये सबसे घिरा हुआ..
सभी से अलग अलग नहीं मिल सकता था न? तो मैं बीच में लेट गया और सभी मेरे चारों और.. गुडी़या भुआ, बंटी भुआ, डीपंल भुआ, चार्मी भुआ, अक्षु चाचा,करिश्मा भुआ,अनुरंजन चाचा ओर ऋषभ भैया
१ नवम्बर को पापा के सभी दोस्त लहरिया रिसोर्ट में मिले.. ये देखो सलोनी दीदी के साथ.
सलोनी दीदी
नानी के घर तो बहुत धमाल मचा, बीकानेर से आये इन भाई बहनों के साथ..
नक्षत्र, गुडी़या और कनु दीदी
दादा के यहाँ प्रिती दीदी हमेशा मेरे पास रहती थी.. और मेरे साथ खुब खेलती थी..
और ये है प्रिती दीदी