अंकल मेरे लिये एक खिलौना लाये.. ये प्यारा सा खिलौना बोलता था.. (जी हाँ
’था’) हैलो, हैलो, डैडी, डैडी... आई लव यू,.. टिविकंल टिविकंल लिटल स्टार... मुझे ये खिलौना बहुत पसंद आया.. और दिन भर इसे लेकर घुमता था... ये बजता रहता.. डांस करता रहता और मैं खुश होकर उसे देखता रहता..
ये देखे राखी वाले दिन ये खिलौना कैसा दिखता था..
देखो कितने प्यार से खेलता था इससे...
और अब देखो क्या हालत है इसकी...
विवेक अंकल ने कहा था
"खिलौना मँहगा हो या सस्ता, एक ही दिन में हो खस्ता"
तो उनके कहे अनुसार इसकी हालत तो आप देख ही रहे है.. अब ये आवाज नहीं करता.. डांस नहीं करता.. पर मुझे तो डांस देखना होता है न?
तो मैं इसे लेकर पापा मम्मी के पास पहुँच जाता हूँ और वो इसे डांस करवा कर और गाकर मेरा मन बहलाते हैं..
कैसे लगी मेरी ये शरारत?