बुजुर्गों ने,
बुजुर्गों ने, फरमाया की पैरो पे अपने खडे़ होके दिखलाओ,
फिर ये जमाना तुम्हारा है..
जमाने के सुर ताल के साथ चलते चले जाओ
फिर हर तराना तुम्हारा फसाना है
अरे तो लो भईया हम
हम अपने पैरो के ऊपर खडे़ हो गये
और मिला ली है ताल
दबालेगा दांतो तले उंगलिया, लिंया
ये जमाना देखकर अपनी चाल
वाह वाह वाह वाह धन्यवाद...
आग्रह - कल अचानक से मेरे सखा 40 से घट कर 25 हो गये.. पहले तो लगा अरे इतने दोस्त अचानक कहां चले गये..पर शाम होते होते आशीष अंकल ने बताया कि ये ब्लोगर के तकनिकी कारण है और उसका समाधान
यहां बताया.. देर रात तक ये संख्या 30 हो गई.. देख लिजिये आप तो मेरे सखा की सुची में हैं न?
मेरे सखा बनने के लिये
यहां चटका लगायें