हर थोड़े दिनों में मेरे नाखुन बढ़ जाते हैं.. नाखुन बढ़ने से वैसे तो कोई परेशानी नहीं होती पर जब कान और आँख खुजाता हूं तो खरोंच लग जाती है.. अभी पिछली बार तो कान में खरोंच ज्यादा ही लग गई.. हल्का सा खून भी निकल आया.. फिर क्या था.. नाखुनों की बली..नाखुन गंदे भी तो बहुत होते है? फिर मैं तो हाथ और अंगुली अक्सर खाता हूँ.. तो साफ रखना बहुत जरुरी है..
खैर मुझे कोई विशेष आपत्ति नहीं होती नाखुन कटवाने में.. बस थोडा़ सा ध्यान इधर-उधर लगवाओ और नाखुन काट लो... मम्मी तो एक हाथ में खिलौना पकडा़ देती है.. और चुपके से कब नाखुन काट लेती है.. मुझे पता ही नहीं चलता है.. अभी तक तो पापा मेरे नाखुन काटते हुए डरते थे, कहीं चोट न लग जाये..लेकिन अब वो भी मेरे नाखुन काट देते है.. कल रविवार का था.. पापा फुरसत में थे और मेरे नाखुन फिर से कट गये..
बहुत अच्छा नाखून ज्यादा नही बढ़ने चाहिए इनमे गंदगी घुस जाती है जो स्वास्थ्य ख़राब करती है | और हाँ अंगुली और अंगूठा खाने की आदत ठीक नही होती इसे भी सुधारो |
ReplyDeleteमम्मी पापा को सही काम में लगा रखा है आपने.
ReplyDeleteबहुत सेवा करवा रहे हो न मम्मी पापा से ....सब याद रखना....भूलना मत।
ReplyDeleteअच्छे बच्चे ऐसे ही अच्छे से नाखून कटवाते है... कोई शोर--गुल नही, रोना-धोना नही.. ऐसे ही हमेशा अच्छे बने रहना...!!!
ReplyDeleteऔर ये तुम्हारी टोपी कहाँ है ? तुम्हें सर्दी नहीं लगती क्या ? पापा ने तो टोपी लगा रखी है :)
ReplyDeleteजैतून का तेल ओर मोशचरेज़र नाखून पर भी लगाना चाहिए ,याद रखना ये डॉ अंकल की सलाह है......
ReplyDeleteपलटू अच्छी बात है नाखून कटवाना, पर यार टोपी तो तुझे पहनी चाहिये, पापा ने पहन रखी है???...:)
ReplyDeleteकाश, इन्हें रोकने की कोई दवा होती, फिर मम्मी पापा को इतनी तकलीफ न उठानी पडती।
ReplyDeleteवाह महाराज!! ये ठाठ हैं..मजे आ गये.
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