Tuesday, May 19, 2009

मेरी पहली किताब

जन्मदिन पर मिले तोहफों की कड़ी में आज बारी है किताब की...  राजीव अंकल एरोप्लेन के साथ एक किताब भी लाये थे.. एरोप्लेन तो अभी नहीं मिला पर किताब पढने के खुब मजे ले रहा हूँ.....
.

शाम को पापा ऑफिस से आते है तो मैं अपनी पढाई शुरु कर देता हूँ.. किताब के पन्ने पलटना, उसमें रंग बिरंगे चित्र देखना मुझे खुब भाता है.. और तो और उसमे कुछ  कार्ड भी है... कार्ड बाहर निकाल उनसे खेलना भी पसंद है..






किताब पर लिखा है कि इससे मैं हाथों और आंखो का सामजस्य सिखुंगा...



और एसा नहीं कि ये एक बार ही पढी़ है...  ये देखिये दुसरे-तीसरे दिन के चित्र भी...









अभी कार्ड पहचाना और जगह पर लगाना नहीं आया है पन्ने अच्छे से बदल लेता हूँ..




और कुछ नहीं तो ये किताब १०-१५ मिनिट तो मुझे एक जगह बैठा सकती है, उससे ज्यादा नहीं.. इतनी पढाई बहुत है न मेरे लिये?

थेंक्यु रा्जीव अंकल!!

15 comments:

  1. बहुत शाबास आदि..अब तो पढाई भी शुरु करदी. बधाई पहली किताब पढने के लिये.

    रामराम.

    ReplyDelete
  2. किताब सबसे अच्छा दोस्त होती है!
    ----------------------
    किताब से दोस्ती करोगे,
    तो अपने आपको
    कभी अकेला नहीं पाओगे!
    -------------------
    तुम्हारी ये तस्वीरें देखकर
    तो यही लग रहा है कि
    बहुत बड़े पढ़ाकू निकलोगे!
    -----------------------

    ReplyDelete
  3. vah beta abhi se itani padhai ye to badi achhi bat hai badhai

    ReplyDelete
  4. अभी से १५ मिनट पढ़ाई-मेरिट में आओगे पक्का!! शाबास!!

    ReplyDelete
  5. Dear Adi,

    Keep it up. I am very happy to see that you are using my gifted book. Books are one's best friends. One who keeps company of books never gets bored in life.

    Luv,

    Rajeev Uncle

    ReplyDelete
  6. शाबाश ! बहुत अच्छे ! लगे रहो !

    ReplyDelete
  7. देखो प्यारे धीरे धीरे पढ़ाई नामक चीज में फंसाया जा रहा है। बच के रहना!

    ReplyDelete
  8. आप तो जबर्दस्त पढ़ाकू हो गए। किताब देने वाले अंकल बहुत समझदार हैं। आपको सबसे अच्छाd दोस्त दे दिया।
    घुघूती बासूती

    ReplyDelete
  9. अमां खां तुम तो अबी से पढ़ाकू लग रिये हो :)

    ReplyDelete
  10. वाह भाई ...गिफ्ट तो बहुत सही है
    सीखो सीखो

    मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

    ReplyDelete
  11. gyaan ji ne theek khaa hai jab tak ho isse bachke rahna

    ReplyDelete
  12. अभी से किताबें....नहीं नहीं...अभी तो खेलो खाओ...बड़े हो कर किताबें ही तो पढ़नी है...वैसे पढ़ते तुम बहुत ध्यान से हो...जीवन में बहुत आगे जाओगे इसमें कोई शक नहीं...
    नीरज

    ReplyDelete
  13. बुरी आदत है इसे बदल डालो....

    ReplyDelete
  14. चलो बेटू लाल कि दोस्ती किताब से तो हो गई.. :)

    ReplyDelete

कैसी लगी आपको आदि की बातें ? जरुर बतायें

Related Posts with Thumbnails